संत गाडगे महाराज सेवा, स्वच्छता और शिक्षा के प्रतीक थे।
उन्होंने समाज को कर्मयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का पाठ पढ़ाया।
वे मानते थे कि
सच्चा धर्म सेवा और परिश्रम में है,
न कि आडंबर में।
संत गाडगे महाराज सेवा, स्वच्छता और शिक्षा के प्रतीक थे।
उन्होंने समाज को कर्मयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का पाठ पढ़ाया।
वे मानते थे कि
सच्चा धर्म सेवा और परिश्रम में है,
न कि आडंबर में।